English Poetry & Verses (انگریزی شاعری)
Experience soul-stirring English poetry, lyrical ballads, and contemporary reflections celebrating beauty, melancholy, love, and human introspection with parallel multi-script views.
मिर्ज़ा असदुल्लाह ख़ान ग़ालिब
हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले
"हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले बहुत निकले मिरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले"
मिर्ज़ा असदुल्लाह ख़ान ग़ालिब
न था कुछ तो ख़ुदा था कुछ न होता तो ख़ुदा होता
"न था कुछ तो ख़ुदा था कुछ न होता तो ख़ुदा होता डुबोया मुझ को होने ने न होता मैं तो क्या होता"
मिर्ज़ा असदुल्लाह ख़ान ग़ालिब
रंज से ख़ूगर हुआ इंसाँ तो मिट जाता है रंज
"रंज से ख़ूगर हुआ इंसाँ तो मिट जाता है रंज मुश्किलें मुझ पर पड़ीं इतनी कि आसाँ हो गईं"